सोमवार, 25 जुलाई 2011
अथ श्री बालकृष्ण कथा
बाबा के सखा परम पूज्य ( अब धोखेबाज ऐसा सी बी आई और कांग्रेस मानती है) बालकृष्ण पूरी तरह राजनितीक भँवर मेँ फँस चुके है अब ये देखना है बालकृष्ण कौन सा पत्ता खोलते है इस प्रकरण से साफ दिखता है कि सी बी आई एक कठपुतली जाँच ऐंजेसी है क्यो की अगर स्वतनत्र होती तो कब की बाबा और बालकृष्ण को ये मुसीबत मोल ना मिलती ओर अगर बालकृष्ण दोषी है तो उनकी सजा निशचित है लेकिन यह प्रकरण हमारी बेतरबी प्रशासन पर उंगली उठाने को विवश करता है कैसे बालकष्ण को शस्र लाँयसेस ओर पासपोर्ट जारी हुऐ ओर अब तक जो भी आंतकी घटना ओर भ्रस्टाचार हुआ उसमे सरकारी मशीनरी भी सन्लिप्त है लेकिन हम बालकृष्ण को तूल दे रहे है उन अफसरो को ढृँडने की सीबीआई को फुरसत नही बाबा कि नागरिकता को लेकर जो भ्राँति क्रूर दिगविजय ने फैलाई वो बालकृष्ण के माता पिता ने दूर कर दी तो सीबीआई ने उनकी शिक्षा को लेकर भ्रमित कर रही है अभी तक सीबीआई हर जाँच मेँ 100 % खरी नही उतरी है सीबीआई एक राजनीति तेल से चलने वाली खटारा एबेसेडर है जिसका कोई भी उपयोग कर सकता है आरुषी केस तेलगी हवाला बोर्फस टेलीकाम आदी केस जो शायद आप भूल चुके है उन प्रकरणो मेँ की गई जाँच एक छलावा लगती है अब सीबीअइ एक राजनीती कुतिया की तरह सरकार के दरवाजे पर बैठी सिर्फ गुर्रा ती है